दरअसल, आप की जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पीसीओएस यानी कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली एक आम समस्या है, जो किसी भी महिला को प्रभावित कर सकती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या के दौरान महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन का काफी ज्यादा मात्रा में उत्पादन होने लग जाता है और इसके साथ ही, ओवरी में बहुत से छोटे-छोटे सिस्ट बनने लग जाते हैं। आम तौर पर, इस तरह की समस्या होने के कारण महिलाओं को कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें महिलाओं को अनियमित पीरियड्स आना, चेहरे पर अनचाहे बालों का उगना, वजन बढ़ जाना, मूड स्विंग्स होना, त्वचा पर मुंहासे होना और साथ में हेयर फॉल जैसी कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस तरह की समस्या के दौरान, चिंता करने वाली बात यही है, कि पीसीओएस जैसी गंभीर समस्या को पुरे तरीके से या फिर इस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है। आम तौर पर, इस को सिर्फ कुछ दवाओं से कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, होम्योपैथी में इस तरह की समस्या के इलाज का दावा किया जाता है। हाँ, यह बात बिल्कुल सच है, कि होम्योपैथी में पीसीओएस का इलाज किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
क्या होम्योपैथी से पीसीओएस का इलाज हो किया जा सकता है?
हालांकि, डॉक्टर का इस पर कहना है, कि होम्योपैथिक दवाओं से पीसीओएस के लक्षणों को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से न केवल ग्रंथियों की काफी ज्यादा सक्रियता को संतुलित किया जा सकता है, बल्कि इस से हार्मोनल असंतुलन को भी ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा, यह दवाएं ओवरी में सिस्ट का उपचार करने के साथ -साथ एक व्यक्ति के तनाव को भी कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि होम्योपैथिक उपचार की सहायता से एक महिला के कंसीव करने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। आम तौर पर, पीसीओएस जैसी समस्या के इलाज के लिए न केवल होम्योपैथिक दवाओं का नियमित रूप से सेवन करना महत्वपूर्ण होता है, बल्कि इसके साथ -साथ नियमित व्यायाम करना और साथ में सेहतमंद आहार का सेवन करना भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
कितने समय तक लेनी पड़ती है दवा?
आम तौर पर, इस विषय पर डॉक्टर का कहना है, कि पीसीओएस जैसी समस्या के लक्षणों को होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से कम किया जा सकता है। दरअसल, जानकारी के मुताबिक इस तरह की समस्या से पीड़ित लोगों को शुरुआत में कम से कम 6 से 12 महीने तक दवा का सेवन करने की सलाह प्रदान की जाती है। हालाँकि, इस तरह की स्थिति के बाद मरीज की हालत के हिसाब से ही इलाज के समय को बढ़ाया जाता है, या फिर कम किया जाता है।असल में, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस तरह की गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए कम से कम 1 से 2 साल तक होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष: पीसीओएस यानी कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यह महिअलों को होने वाली एक आम समस्या है, जो काफी महिअलों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। ध्यान न देने पर यह समस्या आम से काफी ज्यादा गंभीर भी हो सकती है। इस लिए वक्त पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस समस्या के कारण महिलाओं को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें पीरियड्स की अनियमित्ता होना, चेहरे पर अनचाहे बालों का उगना, वजन बढ़ जाना, मूड स्विंग्स होना, त्वचा पर मुंहासे होना और साथ में हेयर फॉल होना शामिल हो सकता है। हालांकि, पीसीओएस जैसी समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, सिर्फ इसके लक्षणों को कंट्रोल में किया जा सकता है। पर, होम्योपैथी में इस तरह की समस्या का सफलतापूर्वक इलाज करने का दावा किया जाता है। हाँ, होम्योपैथिक दवाओं से पीसीओएस के लक्षणों को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। इस समस्या से पीड़ित लोगों को शुरुआत में, कम से कम 6 से 12 महीने तक दवा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। 1 से 2 साल तक होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर के पीसीओएस को खत्म किया जा सकता है। गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस के बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और पीसीओएस जैसी गंभीर समस्या का होम्योपैथिक समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।