आज के समय में ज्यादातर लोगों को गलत खानपान और जीवनशैली से जुड़ी गलत आदतों को अपनाने की वजह से किडनी में पथरी जैसी तरह -तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे तो, किडनी में पथरी की समस्या होना एक आम बात होती है, पर वक़्त रहते इस समस्या का इलाज न होने पर यह कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकती है। इसलिए, वक्त रहते इस समस्या का इलाज होना अत्यंत जरूरी होता है।
दरअसल, पथरी पेशाब में एक न घुलने वाला पदार्थ होता है, जिसमें फॉस्फेट, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे कई तरह के पदार्थ शामिल होते हैं। आम तौर पर, किडनी में इन तीनों पदार्थों के एक साथ जमा होने पर पथरी का निर्माण होता है। इस तरह की स्थिति में, किडनी की पथरी का इलाज एलोपैथी के साथ साथ होम्योपैथी और आयुर्वेद में भी किया जा सकता है। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि होम्योपैथी में किडनी की पथरी का इलाज किस तरीके से किया जाता है? तो दरअसल, होम्योपैथी में पथरी का इलाज होम्योपैथिक ट्रीटमेंट के माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इसमें होम्योपैथिक दवाओं की मदद से किडनी की पथरी को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। आम तौर पर, इन दवाओं का इस समस्या पर दोहरा असर होता है, जिसमें न केवल शरीर से पथरी को पेशाब के रस्ते से बाहर निकालना होता है, बल्कि इन दवाओं के माध्यम से पथरी का आकार भी काफी छोटा हो जाता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
किडनी की पथरी के गंभीर लक्षण
वैसे तो, किडनी की पथरी के कई आम लक्षण हो सकते हैं, पर इसके गंभीर लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- पीठ के निचले हिस्से में काफी तेज दर्द होना।
- पेट या फिर बगल में असहनीय दर्द महसूस होना।
- पेशाब का रंग बदलकर लाल, भूरा और गुलाबी हो जाना।
- बार बार पेशाब करने की इच्छा होना।
- पेशाब में लगातार खून आना।
- पेशाब करते वक्त काफी ज्यादा दर्द और जलन महसूस होना।
- मतली इस फिर उल्टी आना।
- पेशाब करने में असमर्थ महसूस करना।
- धुंधला और बदबूदार पेशाब का आना।
- ठंड लगना और बुखार होना।
किडनी की पथरी के गंभीर कारण
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि बहुत से कारणों की वजह से ही हमको सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का शिकार होना पड़ता है, जिसमें किडनी की पथरी भी शामिल होती है। किडनी की पथरी के गंभीर कारणों में निम्नलिखित कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
- रोजाना कम मात्रा में पानी का सेवन करना।
- काफी ज्यादा मोटापा होना।
- कुछ का सेवन करना।
- इस समस्या का पारिवारिक इतिहास होना।
- पाचन से जुड़ी कुछ दिक्कतों का होना।
- गाउट, हाइपर- पैराथायराइडिज्म और यूटीआई जैसी समस्याओं का होना। 7. खराब खान पान जैसे कि ज्यादा नमक, चीनी, पशु प्रोटीन और ऑक्सलेट से भरपूर भोजन का सेवन करना।
डॉक्टरों द्वारा किडनी में पथरी की स्थिति की पूछताछ कैसे की जाती है?
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि किडनी में पथरी की समस्या को जाँच ने के लिए सबसे पहले होम्योपैथिक डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति के लक्षणों के बारे में जानते हैं और फिर किसी समस्या के बारे में पूछने की कोशिश करते हैं। इसके बाद डॉक्टर पारिवारिक इतिहास मतलब कि परिवार में पहले से ही किसी को समस्या तो नहीं इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। दरअसल, सब कुछ जानने के बाद मरीज की स्थिति के आधार पर डॉक्टरों द्वारा दवाओं को दिया जाता है। इसके साथ ही, होम्योपैथी में जेनेटिक कारणों का भी इलाज सफलतापूर्वक किया जाता है, ताकि भविष्य में पीड़ित व्यक्ति को पथरी होने की संभावना दोबारा न हो सके।
निष्कर्ष: दरअसल, ज्यादातर गलत खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलत आदतों की वजह से लोगों को किडनी में पथरी जैसी तरह -तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किडनी की पथरी की समस्या में कई गंभीर कारण और लक्षण शामिल हो सकते हैं, जिसका इलाज होम्योपैथिक दवाओं की मदद से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इस दौरान, होम्योपैथिक डॉक्टरों द्वारा पीड़ित व्यक्ति की स्थिति के बारे में सब कुछ जानने के बाद ही दवाओं को दिया जाता है। होम्योपैथी में इस समस्या के जेनेटिक कारणों का भी इलाज किया जाता है, ताकि पीड़ित व्यक्ति को आगे चलकर इस तरह की समस्या का दुबारा सामना न करना पड़े। समस्या की गंभीर स्थिति होने पर आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किसी भी प्रकार की किडनी का होम्योपैथिक इलाज प्राप्त करने के लिए आप आज ही डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।