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क्या होम्योपैथिक दवाओं से थायराइड का इलाज किया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

लगभग सभी लोग इस बात को जानते ही हैं, कि आज के समय में लोगों को थायराइड जैसी समस्या होना एक आम बात हो गयी है। असल में, कि आज पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इस समस्या का खतरा ज्यादा बना रहता है। आम तौर पर, हाइपो थायराइड और हाइपर थायराइड यह दो तरीके से थायराइड होते हैं, जिस में इससे पीड़ित मरीजों को दवा दी जाती है। इस तरह की स्थिति में जब थायराइड जैसी समस्या की दवा एक बार शुरू हो जाती है, तो इन का सेवन पीड़ित मरीजों को काफी दिनों तक करना पड़ सकता है। दरअसल, थायराइड जैसी समस्या का इलाज बहुत सी स्थितियों में संभव हो सकता है। वहीं, इससे पीड़ित कुछ लोग जानना चाहते हैं, कि क्या होम्योपैथिक दवाओं से थायराइड का इलाज किया जा सकता है? दरअसल, इस मामले में डॉक्टर का कहना है, कि हाँ होम्योपैथी में थायराइड का इलाज पूरी तरीके से किया जा सकता है। पर, इस तरह की स्थिति के दौरान आपको इस बात पर विशेष ध्यान देने कि जरूरत पड़ सकती है, कि इस दौरान समस्या ज्यादा पुरानी न हो। दरअसल, अगर आपको यह समस्या 5 से 6 साल से कम समय से है, तो इसका इसका इलाज किया जा सकता है, पर वहीं अगर थायराइड की समस्या 10 साल से ज्यादा पुरानी है, तो इसका इलाज करना काफी मुश्किल हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

होम्योपैथिक में किस तरीके से थायराइड का इलाज किया जाता है? 

दरअसल, इस मामले में डॉक्टर का कहना है, कि किस भी तरह की बीमारी का इलाज होम्योपैथी में दो तरीकों से किया जाता है। इसके पहले तरीके में मरीज की मानसिक और शारीरिक स्थिति के लक्षणों को पहचान कर उसमें सुधार किया जाता है और इसके बाद मानसिक और शारीरिक स्थिति में होने वाले बदलाव के कारणों और लक्षणों का इलाज करने के लिए कुछ दवाओं को दिया जाता है। दरअसल, इस इलाज को आम भाषा में क्लासिक ट्रीटमेंट कहा जाता है।

आम तौर पर, इसके इलाज के दूसरे तरीके में किसी भी तरह की बीमारी का खास इलाज किया जाता है, जिसमें किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित मरीजों को कई तरह की दवाओं को दिया जाता है। इस दौरान, जो दवा मरीज को सूट कर जाती है, दरअसल उस को मरीज को काफी लंबे वक्त तक दिया जाता है। हालांकि, इस तरह का इलाज इतना असरदार नहीं होता है, क्योंकि शुरुआत में मरीजों की स्थिति में सुधार किया जा सकता है। 

थायराइड से पीड़ित मरीजों का इलाज जड़ से कब किया जा सकता है?

दरअसल, अगर आप थायराइड जैसी समस्या से काफी लंबे वक्त से परेशान नहीं है, तो इस तरह की स्थिति में थायराइड जैसी समस्या का इलाज जड़ से किया जा सकता है। इसके अलावा, अगर आप का टीएसएच स्तर 200 या फिर इससे भी काफी ज्यादा कम है, तो इस तरह की स्थिति के दौरान, थायराइड जैसी समस्या का इलाज करना काफी हद तक संभव हो सकता है। 

निष्कर्ष: हाँ, होम्योपैथिक दवाओं से थायराइड का इलाज किया जा सकता है, पर ध्यान रहे समस्या अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। 10 साल से ज्यादा पुरानी समस्या का इलाज करना मुश्किल हो जाता है। थायराइड की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और थायराइड जैसी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक में जाकर इसके विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

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Homeopathic Doctor homeopathic medicine

Why is Homoeopathic Medicine Now Used For Diabetes Treatment?

Diabetes is a condition whereby you have too high sugar levels in your body, maybe because your body cannot manage insulin properly. Diabetes can be treated by a change of diet, exercise, and prescribed medicine. Diabetes symptoms include frequent urination, thirst, dry sores, persistent hunger, dry mouth, fatigue, and blurry vision. Homoeopathic medicine is a medical system that involves the idea of using natural substances to treat the root cause of diabetes instead of just focusing on symptoms. Due to its ability to provide individualized treatment, homoeopathy focuses on natural body healing rather than symptoms. This blog explains what homoeopathic medicine is and its benefits for diabetes patients.

What Is Homoeopathic Medicine For Diabetes Patients?

​Homoeopathic medicine is an all-natural substance that is derived from plants, animals, or minerals. Homoeopathic medicine is highly diluted, which makes it strong and safe to use. Homoeopathic medicine comes in forms such as sugar pellets, tablets, creams, ointments, and drops. Homoeopathic medicine focuses on treating the whole system, not just the symptoms of diabetes. Instead of suppressing the symptoms, homoeopathic medicine focuses on what is causing diabetes symptoms. Homoeopathic medicine is non-toxic and is created to address the person’s unique symptoms.

What Are The Benefits of Homoeopathic Medicine For Diabetes Patients?

  • Homoeopathic medicine helps in controlling glucose levels in the body: Homoeopathic medicine helps control fasting Plasma glucose in the system, which helps the patient in reducing the symptoms.
  • It helps in managing diabetes symptoms: Homoeopathic medicine helps in managing diabetes symptoms such as excessive thirst, excessive urination, fatigue, and weakness in muscles.
  • Helps in the management of diabetes complications: Homoeopathic medicine helps diabetes patients from complications that are caused by diabetes, such as nerve damage in the hands and feet.
  • Fewer side effects: Homoeopathic remedies have fewer side effects because they are highly concentrated, and they are considered to be safe even if taken for a long time.
  • Homoeopathic medicine saves a patient from too much medicine: Diabetes patients who use homoeopathic treatment have witnessed their effectiveness and how they help them reduce the amount of medicine they used to take before homoeopathic treatment.
  • Focuses on overall well-being: Homoeopathic treatment focuses on the overall well-being; they don’t just focus on the symptoms, but on what is causing diabetes.
  • Lifestyle changes: Homoeopathic treatment works in lifestyle changes. It focuses on the overall well-being; therefore, it introduces the lifestyle that is perfect for quick recovery.

Conclusion

Homoeopathic treatment for diabetes offers a personalised treatment for diabetes patients, depending on the type of diabetes the patient has. Homoeopathic treatment focuses on the root cause of diabetes, not just suppressing its symptoms. They focus on long-term treatment by dealing with what is causing diabetes first. Because it starts healing from the main cause, its effectiveness takes time, depending on the person infected. If you are seeking a healthier path to treat diabetes, Dr Sonal’s Homoeopathy Clinic is the best option for you. Our expert homoeopathic doctor, Dr Sonal Mehta, helps in reducing your diabetes symptoms and helps you in leading a healthy life. 

FAQs

  • Does homoeopathic treatment have side effects?

Homoeopathic treatment, because of its natural state, has few side effects. It is created from natural substances such as plants, animals, and minerals; therefore, its side effects are minimal.

  • Can you take other medicines while taking homoeopathic treatment?

Yes, you can take other medicines while taking homoeopathic treatment for diabetes. Due to its natural composition, it does not have any effects if you use other medicines while using homoeopathic treatment.

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क्या सर्दियों में होम्योपैथी उपचार से बालों का झड़ना और डैंड्रफ को खत्म किया जा सकता है? डॉक्टर से जानिए बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा

दरअसल, सर्दियों के दौरान बालों की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि सर्दियों का मौसम आते ही कम नमी वाली ठंडी हवाएं आपकी त्वचा पर परत बनाने लग जाती हैं। इस लिए, इस दौरान बालों का झड़ना, डैंड्रफ होना और बालों में रूखापन होना काफी आम हो जाता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में सर्द हवाओं की वजह से बालों में काफी ज्यादा रूखापन आ जाता है। इस दौरान, वह ज्यादातर उलझे हुए, रूखे और नमी से रहित नजर आ सकते हैं। इसके अलावा, इस तरह के मौसम में न केवल एक व्यक्ति के सिर की त्वचा में खुजली की समस्या हो सकती है, बल्कि सिर में पपड़ी भी बनने लगती हैं। दरअसल, इसकी वजह से बालों के किनारों पर नमी को बनाए रखने वाली सुरक्षा परत को काफी ज्यादा नुकसान पहुँचता है और साथ में बालों का टेक्सचर भी काफी ज्यादा बिगड़ जाता है। 

आम तौर पर, सर्द हवाओं में नमी की कमी होने की वजह से ज्यादातर लोगों को बालों में डैंड्रफ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिस पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। अगर वक्त रहते इस तरह की समस्या पर ध्यान न दिया जाये, तो यह बालों के झड़ने का एक बहुत बड़ा कारण बन सकती है और इससे सिर की त्‍वचा की स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। यह समस्या पुरुष और महिला दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। 

आम तौर पर, जिन लोगों को हर दिन लगभग 50 से 100 बाल झड़ने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, दरअसल उनको इस तरह के मौसम में, काफी ज्यादा बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह के मौसम में, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस दौरान स्कैल्प ड्राई, डिहाइड्रेटेड और डैंड्रफ से काफी ज्यादा भर जाती है और ठंड भरे मौसम में त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी को खो देती है, जिसकी वजह से लोगों को ज्यादातर सेबोरिक डर्मेटाइटिस और सोरायसिस जैसी कई तरह की बिमारियों का सामना करना पड़ता है। 

असल में, इस तरह की समस्या को हल करने के लिए लोग कई तरह के महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं और बाल झड़ने की समस्या को और ज्यादा बढ़ावा दे देते हैं। बाल झड़ने की समस्या के लिए होम्योपैथी उपचार काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। यह सच है, कि सर्दियों में होम्योपैथी उपचारों से बालों का झड़ना और डैंड्रफ को खत्म किया जा सकता है और इस तरह की समस्या में, कैल्‍केरियासल्‍फ्युरिका 6 एक्‍स और काली सल्‍फ्युरिकम जैसी होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

सर्दियों में झड़ते बालों को रोकने के उपाय

  1. सर्दियों में झड़ते बालों की समस्या को रोकने के लिए रातभर बालों में जैतून का तेल लगाकर रख सकते हैं। इससे पपडियां और चकत्‍ते ढीले हो जाते हैं और खुजली की समस्या खत्म हो जाती है। 
  2. बाल झड़ने से रोकने के लिए शैम्‍पू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें, इससे बालों में नमी बनी रहेगी। 
  3. सर्दियों में रोज शैम्पू और कंडीशनिंग करने की सलाह नहीं दी जाती है। 
  4. एक दिन छोड़कर बाल धोना महत्वपूर्ण होता है, इससे सिर की त्‍वचा के प्राकृतिक तेल बने रहते हैं। 

सर्दियों में बालों की समस्याओं के लिये होम्योपैथिक उपचार 

दरअसल, होम्योपैथिक दवाओं को पौधों से बनी चीजों से बनाया जाता है, इसलिए यह दवाएं सुरक्षित और असरदार होती हैं। इसके साथ ही, इन दवाओं का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है। बालों की देखभाल के लिए और झड़ते बालों को रोकने के लिए निम्नलिखत दवाओं को दिया जा सकता है, जैसे कि 

  1. कैल्‍केरियासल्‍फ्युरिका 6 एक्‍स: डॉक्टर यह होम्योपैथिक दवा सूखे और सफेद डैंड्रफ से भरे बालों के लिए बताते हैं। इसके लिए हर दिन दो गोलियां ली जा सकती हैं। 
  2. काली सल्फ्यूरिकम: चिपचिपे और पीले डैंड्रफ जैसी बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए इस दवा का सेवन किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर हर दिन दो गोलियां ली जा सकती हैं।

निष्कर्ष: सर्दियों में, होम्योपैथी उपचार बालों का झड़ना और डैंड्रफ जैसी समस्या को खत्म करने में काफी ज्यादा सहयता प्रदान कर सकते हैं। बालों की देखभाल के लिए और झड़ते बालों को रोकने के लिए कैल्‍केरियासल्‍फ्युरिका 6 एक्‍स और काली सल्‍फ्युरिकम जैसी होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। डैंड्रफ और रूखेपन की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का होम्योपैथिक समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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होम्योपैथी में किन-किन बीमारियों का इलाज होना संभव होता है? जानें डॉक्टर से

आज ज्यादातर लोग किसी न किसी समस्या से परेशान हैं। आम तौर पर जब भी हम किसी समस्या की चपेट में आते हैं, तो इस समस्या का समाधान पाने के लिए हम किसी नजदीकी या फिर घर के पास वाले एलोपैथिक डॉक्टर के पास ही जाते हैं। इस तरह की स्थिति में, बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो प्राकृतिक तरीके से ठीक होने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करना काफी ज्यादा पसंद करते हैं। आम तौर पर, इन दोनों चिकित्सा पद्धतियों में हर तरह की बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज होना संभव होता है। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि होम्योपैथी में भी कई तरह की समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। पर, आज के समय में ज्यादातर लोगों को होम्योपैथी के इलाज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। दरअसल, होमियोपैथी एक वैकल्पिक डॉक्टरी प्रणाली है, जो आम तौर पर पारंपरिक दवाओं से काफी ज्यादा अलग होती है। आम तौर पर, इसमें पौधों और खनिजों से दवाओं का निर्माण किया जाता है। होम्योपैथी इलाज को प्राकृतिक, सुरक्षित और समस्या में काफी ज्यादा असरदार माना जाता है। पर, ज्यादातर लोगों को इसके बारे जानकारी न होने की वजह से वह यह भी नहीं जानते हैं, कि होम्योपैथी में किन-किन बीमारियों का इलाज किया जा सकता है? दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि होम्योपैथी में कई तरह बीमारियों का इलाज किया जा सकता है, जिस में त्वचा से जुड़ी समस्याओं का इलाज, पाचन से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का इलाज, महिलाओं से जुड़ी किसी भी गंभीर और आम समस्याओं का इलाज, जोड़ों, हड्डियां और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं का इलाज और सांस की समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज होना शामिल होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इसके डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

होम्योपैथी में किन-किन बीमारियों का इलाज होना संभव है?

दरअसल, होम्योपैथी में निम्नलिखित समस्याओं का इलाज किया जा सकता है:

  1. त्वचा से जुड़ी समस्याओं का इलाज

दरअसल, होम्योपैथी में मस्से, विटिलिगो (सफेद दाग), पित्ती, फंगल इंफेक्शन, मुंहासों और एक्जिमा जैसी त्वचा से जुड़ी बीमारियों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है। आम तौर पर, होम्योपैथी में त्वचा से जुड़ी सभी समस्याओं का इलाज प्राकृतिक तरीके से किया जाता है। 

  1. पाचन से जुड़ी समस्याओं का इलाज

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आयुर्वेद के अलावा, होम्योपैथी में भी पाचन से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। दरअसल, होम्योपैथी में पाचन से जुड़ी आम समस्याओं से लेकर गंभीर समस्याओं तक सभी का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। इसमें कब्ज, अपच, डायरिया, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, बवासीर, हर्निया जीईआरडी जैसी समस्याओं को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्याओं के लिए होम्योपैथी का सहारा लिया जा सकता है।

  1. महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का इलाज

दरअसल, महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का इलाज केवल एलोपैथी और आयुर्वेद में ही नहीं, बल्कि होम्योपैथी में भी किया जा सकता है। इसमें, पीसीओडी, पीसीओएस और मासिक धर्म अनियमितता जैसी समस्याओं को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा, थायराइड और गर्भाशय फाइब्रॉएड जैसी महिलाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं का इलाज भी होम्योपैथी में सफलतापूर्वक किया जा सकता है। होम्योपैथी में सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याओं का भी इलाज किया जा सकता है। 

  1. सांस से जुड़ी समस्याओं का इलाज 

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि होम्योपैथी में सांस से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का इलाज किया जा सकता है, जिस में एलर्जिक राइनाइटिस, साइनसाइटिस, सीओपीडी और अस्थमा जैसी समस्याओं का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इसके अलावा, होम्योपैथी में सर्दी, जुकाम, खांसी, डिप्रेशन, तनाव और अनिद्रा जैसी आम समस्याओं को भी आसानी से ठीक किया जा सकता है। अगर आपको सांस से जुडी किसी भी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप होम्योपैथी इलाज का सहारा ले सकते हैं। 

निष्कर्ष:

दरअसल, एलोपैथी और आयुर्वेद के अलावा होम्योपैथी में भी कई तरह की समस्याओं का इलाज किया जा सकता है, जिस में त्वचा से जुड़ी समस्याओं का इलाज, पाचन से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का इलाज, महिलाओं से जुड़ी किसी भी गंभीर और आम समस्याओं का इलाज, जोड़ों, हड्डियां और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं का इलाज और सांस से जुड़ी समस्याओं का इलाज आसानी से किया जा सकता है। अगर आपको इस तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है, तो आप होम्योपैथी इलाज का सहारा ले सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किसी भी तरह की समस्या होने पर होम्योपैथी इलाज पाने के लिए आप आज ही डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त सकते हैं।

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Skin Treatment

Are You Struggling With Eczema? Understand How Homeopathy Helps In Managing This Condition

Eczema is a skin condition that includes rashes, dry patches and it causes discomfort. Modern medicine focuses on suppressing its symptoms, while many individuals seek gentle, long-term approaches to manage their skin health. Homeopathy is a natural and perfect option for skin conditions including eczema. Based on individualised treatment, homeopathy aims to deal with the body’s natural healing process rather than simply addressing surface symptoms. This blog includes what you should know about homeopathic treatment for eczema, their benefits and why many people turn to this holistic approach for relief.

What Are The Triggers Of Eczema?

Eczema is a skin condition that involves itchiness and rashes. It’s triggered by stress, allergies, soaps, weather changes and certain foods.Symptoms may show periodically, which makes long-term management important rather than short-term fixes.Homeopathy focuses on treating the main cause of eczema.

Why Do People Choose Homeopathy for Eczema?

Homeopathy focuses on treating the individual as a whole, rather than focusing on the symptoms. Many people prefer homeopathic remedies because they are natural, non- toxic and tailored to the person’s unique symptoms. Instead of suppressing symptoms, homeopathy aims to address the roots of this condition that contribute to eczema triggers.

Does Homeopathy Have An Answer For Eczema?

Homeopathy believes eczema is the manifesting results of internal imbalance.Homeopathic practitioners believe that healing starts from within and results start showing gradually . Emotional stress, digestion, sleeping patterns and lifestyle are all considered during homeopathic treatment as they are all important in your healing.

What Are The Benefits of Homeopathic Treatment for Eczema?

  • Focuses on long-term skin health.
  • Suitable for all age groups.
  • Gentle and natural treatment.
  • Individualised treatment plan
  • Works great while making lifestyle changes.
  • Reduces the flare up frequency.
  • Homeopathic remedies can be used with other treatment methods.

How Does Homeopathy Change Lifestyle?

Homeopathy changes lifestyle by encouraging personalised health caution.Best results are seen when combined with good skincare routines, stress management, a balanced diet and avoiding its triggers.

Conclusion

Homeopathic treatment for eczema offers a dedicated and personalised approach to managing the skin challenges. Homeopathy focuses on the root cause of the problem rather than only focusing on the external symptoms.It focuses on long-term treatment rather than temporary healing. Homeopathy treatment takes time, depending on individuals, but many people witnessed positive results, appreciating the gentle nature and individualised care homeopathy provides.For those seeking a natural path toward healthier skin, homeopathy is a valuable option with Dr. Sonal Mehta from Dr. Sonal’s Homeopathy Clinic in Mumbai. We help in providing an effective treatment for your specific condition through a natural and best approach.

FAQ’s

  • Is homeopathy safe for children with eczema?

Yes, homeopathic treatment is safe for children struggling with eczema due to their gentle and holistic approach.

  • How long does it take for homeopathy treatment to show results for eczema?

Results might take time depending on how severe the condition is, but patience pays.