Categories
Skin Treatment

मानसून के मौसम में आयुर्वेदिक तरीके से बालों की देखभाल कैसे करें ?

बालों को स्वास्थ्य रखना है या उनको खराब करना है इसका कही न कही संबंध मानसून के साथ काफी नजदीकी तौर पर है। पर अगर मानसून की वजह से आपके बालों में किसी भी तरह की समस्या आ जाए तो आप कैसे आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक तरीके से खुद का बचाव कर सकते है इसके बारे में आज के लेख में चर्चा करेंगे ; 

बालों को मानसून से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें !

तेल मालिश जरूर करें :

मानसून के दौरान सिर में खुजली, रूसी, बालों का झडऩा और रूखापन आना आदि समस्याएं होना आम बात है, क्योंकि यह मौसम काफी उमस भरा होता है, जिसके कारण काफी पसीना आता है। अगर आप अपने सिर इन समस्याओं से बचाए रखना चाहते है तो नियमित रूप से हल्के हाथों से पूरे सिर की तेल से मालिश करें। तिल या फिर बादाम का तेल बालों के स्वास्थ्य में सुधार करने समेत रूसी और खुजली जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है।

मानसून में होममेड हेयर पैक लगाना न भूले :

होममेड हेयर पैक बनाने के लिए दो बड़ी चम्मच मेथी के दानों को रातभर के लिए पानी में भिगो दें, फिर अगली सुबह उन्हें मिक्सी में पीसकर एक कटोरी में निकालें। अब कटोरी में एक बड़ी चम्मच एलोवेरा जेल और आधी बड़ी चम्मच तिल का तेल डालकर मिलाएं। सिर धोने से एक घंटे पहले इस मिश्रण को पूरे स्कैल्प और बालों की लंबाई में लगाएं। यह होममेड पैक सिर को मानसून की कई समस्याओं से बचाए रखने में आपकी काफी मदद करेगा।

See also  Managing Rheumatoid Arthritis With Homoeopathy

बालों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट टिप्स :

अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें, जो बालों को पोषित करने में मदद कर सकें। जैसे बादाम बायोटिन से भरपूर होते है और स्वस्थ बालों के विकास के लिए उपयोगी होते है। इसके अतिरिक्त, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर तिल के बीज बालों को पोषण देते है। आप अपने दैनिक आहार में भुने हुए तिल को सलाद और चटनी में मिलाकर खा सकते है। हरी सब्जियां भी बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

बारीश में भीग जाएं तो बालों को जरूर धोएं :

जब कभी बारिश में आपके बाल भीग जाएं तो उन्हें जरूर धोएं क्योंकि बालों में फंसा बारी का अम्लीय पानी आपके स्कैल्प के पीएच को असंतुलित कर सकता है, जिससे बालों की समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद अपने बालों को एक गुणवत्तापूर्ण शैंपू और कंडीशनर से साफ करें। इसके बाद अपने सिर को प्राकृतिक तरीके से सुखाएं। 

See also  Few Effective Home Remedies To Get Relief From Skin Reaction

अगर उपरोक्त बातों से आपके बालों की समस्या दूर न हो तो इससे बचाव के लिए आपको मुंबई में होम्योपैथिक डॉक्टर से भी इसके बारे में सलाह जरूर लेनी चाहिए।

मानसून में बालों की देखभाल को कैसे समझे ?

जैसे ही बारिश की बूंदों की हल्की लय हमारे परिवेश को घेर लेती है, मानसून का मौसम आता है, जो एक अनूठा आकर्षण और चिलचिलाती गर्मी से बहुत जरूरी राहत लेकर आता है। जैसे ही बारिश धरती को भिगोती है, वात और पित्त दोष अक्सर अपना संतुलन खो देते है। वात, जो गति और शुष्कता को नियंत्रित करता है, सिर की त्वचा को शुष्क और भंगुर बालों का कारण बन सकता है। बढ़ी हुई गर्मी और आर्द्रता पित्त दोष को बढ़ा सकती है, जिससे सिर में संक्रमण, रूसी और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। इसलिए, मानसून का मौसम हमारे कीमती बालों पर विशेष ध्यान और देखभाल की मांग करता है। 

See also  Is It Urticaria Or Just A Rash? Hidden Triggers And Warning Signs Of Urticaria: Take This Quick Self-Assessment

अगर बालों की देखभाल करने के बाद भी अगर आपके बालों का हाल खराब होते जा रहा है, तो इससे बचाव के लिए आपको मुंबई में होम्योपैथिक क्लिनिक के संपर्क में आना चाहिए।

सुझाव :

मानसून के मौसम में महिलाओं को अपने बालों का ख्याल अच्छे से रखना चाहिए, और वे अपने बालों का ख्याल कैसे रख सकती है, इसके बारे में हम आपको उपरोक्त बता चुके है। लेकिन इन सब के बाद भी अगर स्थिति उनके बालों की खराब होते जाए तो इससे बचाव के लिए उनको डॉ. सोनल होम्योपैथिक क्लिनिक का चयन करना चाहिए।

निष्कर्ष :

मानसून के दौरान हम अपने बालों का अच्छे से ध्यान नहीं रख पाते जिसकी वजह बाल काफी ख़राब हो जाते है। पर बालों का अच्छे से ध्यान रख कर आप झड़ते बालों या रूखे बालों की समस्या से खुद का बचाव आसानी से कर सकते है। इसके अलावा मानसून के मौसम में बालों की रक्षा करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके बारें में जानने के लिए अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

Contact Us