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क्या होम्योपैथी उपचार से हो सकता है पीसीओडी की समस्या का इलाज ?

पीसीओडी एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से महिलाओं में हार्मोनल विकार के कारण अंडाशय काफी बड़ा हो जाता है और इसके बाहरी किनारों में सिस्ट बनने लग जाता है | यह एक किस्म की हार्मोनल असंतुलन स्थिति होती है जो महिला के गर्भ में अंडाशय को काफी प्रभावित करती है, जिसके परिणामस्वरूप छोटे-छोटे सिस्ट उत्पन्न हो जाते है | आइये जानते इस समस्या के बारे विस्तारपूवर्क से :- 

ड़ॉ सोनल हीलिंग विथ होमियोपैथी के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर सोनल जैन अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो में यह बताया की पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज यानी पीसीओडी महिलाओं की प्रजनन आयो में सबसे आम एंडोक्रिनोपैथी है, जिसकी वजह से इन्सुलिन के प्रतिरोध और प्रतिपूरक हाईपरइंसुलिनमिया की समस्या उत्पन्न्न हो जाती है | जिससे महिलाओं के अंडाशय काफी प्रभावित हो जाते है और साथ ही इसके बाहर छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते है | 

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पीसीओडी के लक्षण कौन से है? 

इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार है :-  

  • वजन का बढ़ना
  • अनियमित रूप से मासिक चक्र का होना
  • चेहरे पर बालो का उगना 
  • पुरुषों में गंजेपन की स्थिति होना 
  • मुँहासे का कभी ठीक न होना 
  • गर्दन के आसपास ख़राब हो जाना 
  • बांझपन की समस्या होना 
  • चेहरे के त्वचा के रंग का काला पड़ना या फिर किसी भी शरीर के अंग में काला धब्बा पड़ना 
  • कुछ महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन की वजह से सिरदर्द भी लगता है | 

पीसीओडी होने के मुख्य कारण क्या है? 

इसके मुख्य कारण है कुछ इस प्रकार है :-  

  • बांझपन हो जाना 
  • गर्भपात की समस्या या फिर समय से पहले शिशु का जनम होना 
  • नॉन-अल्कोहोलिक स्टिटोहेपेटीएस के कारण होने वाली गंभीर यकृत सूजन होना 
  • मेटाबोलिक सिंड्रोम से उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा जैसे की कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना और हृदय से जुड़े समस्या को भी बढ़ावा देता है | 
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डॉक्टर सोनल जैन ने यह भी बताया की पीसीओडी के उपचार के लिए होमेओपेथी एक ऐसा विकल्प है जिससे इस समस्या को जड़ से ख़तम किया जा सकता है | यह बात तो सभी को जानते है की होमियोपैथी उपचार से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है | भले ही होमियोपैथी दवाओं की प्रक्रिया बहुत धीरे है लेकिन यह समस्या को जड़ से ख़तम करने में सक्षम भी है |   

इस वीडियो में पीसीओडी से पीड़ित महिला नाम नाती गेलकर ने बताया की कोविड जैसी महामरी के दौरान वह पीसीओडी समस्या का शिकार हो गयी थी | जिसकी वजह से वह अनियमित मासिक धर्म चक्र की समस्या से गुजर रही थी और उनका वजन भी बढ़ाने लग गया था | इसके इलाज के लिए उन्होंने अलोपथी दवाओं का सहारा भी लिया था परन्तु कोई असर नहीं हुआ | जब उन्हें डॉक्टर सोनल जैन के बारे में पता लगा तो उन्होंने बिना सोचे यहाँ से परीक्षण करवाने का निर्णय ले लिया | जिनके द्वारा बातये गए होमियोपैथी दवाओं के सेवन से यह समस्या कुछ ही दिनों में कम हो गयी और आज इस समस्या से उन्हें मुक्ति भी मिल गयी है | ड़ॉ सोनल हीलिंग विथ होमियोपैथी के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर सोनल जैन होमेओथी दवाओं में स्पेशलिस्ट जिससे आपको इस समस्या से प्रकृतिक रूप से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है |

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